महाराणा प्रताप के बारे में 16 रोचक तथ्य | Maharana Pratap in Hindi

Amazing Facts about Maharana Pratap in Hindi – महाराणा प्रताप के बारे में रोचक तथ्य

maharana pratap

महाराणा प्रताप, ये एक ऐसा नाम है जिसके लेने भर से मुगल सेना के पसीने छूट जाते थे. एक ऐसा राजा जो कभी किसी के आगे नही झुका. जिसकी वीरता की कहानी सदियों के बाद भी लोगों की जुबान पर हैं. वो तो हमारी एकता में कमी रह गई वरना जितने किलों का अकबर था उतना वजन तो प्रयाप के भाले का था. महाराणा प्रताप मेवाड़ के महान हिंदू शासक थे.

1. महाराणा प्रताप को बचपन में कीका के नाम से पुकारा जाता था. प्रताप इनका और राणा उदय सिँह इनके पिता का नाम था.

2. प्रताप का वजन 110 किलो और हाईट 7 फीट 5 इंच थी.

3. प्रताप का भाला 81 किलो का और छाती का कवच का 72 किलो था. उनका भाला, कवच, ढाल और साथ में दो तलवारों का वजन कुल मिलाकर 208 किलो था.

4. प्रताप ने राजनैतिक कारणों की वजह से 11 शादियां की थी.

5. महाराणा प्रताप की तलवार कवच आदि सामान उदयपुर राज घराने के संग्रहालय में सुरक्षित हैं.

6. अकबर ने राणा प्रताप को कहा था की अगर तुम हमारे आगे झुकते हो तो आधा भारत आप का रहेगा, लेकिन महाराणा प्रताप ने कहा मर जाऊँगा लेकिन मुगलों के आगे सर नही नीचा करूंगा.

7. प्रताप का घोड़ा, चेतक हवा से बातें करता था. उसने हाथी के सिर पर पैर रख दिया था और घायल प्रताप को लेकर 26 फीट लंबे नाले के ऊपर से कूद गया था.

8. प्रताप का सेनापति सिर कटने के बाद भी कुछ देर तक लड़ता रहा था.

9. प्रताप ने मायरा की गुफा में घास की रोटी खाकर दिन गुजारे थे.

10. नेपाल का राज परिवार भी चित्तौड़ से निकला है दोनों में भाई और खून का रिश्ता हैं.

11. प्रताप के घोड़े चेतक के सिर पर हाथी का मुखौटा लगाया जाता था. ताकि दूसरी सेना के हाथी कंफ्यूज रहें.

12. महाराणा प्रताप हमेशा दो तलवार रखते थे एक अपने लिए और दूसरी निहत्थे दुश्मन के लिए.

13. अकबर ने एक बार कहा था की अगर महाराणा प्रताप और जयमल मेड़तिया मेरे साथ होते तो हम विश्व विजेता बन जाते.

14. आज हल्दी घाटी के युद्ध के 300 साल बाद भी वहां की जमीनो में तलवारे पायी जाती हैं.

15. ऐसा माना जाता है कि हल्दीघाटी के युद्ध में न तो अकबर जीत सका और न ही राणा हारे। मुगलों के पास सैन्य शक्ति अधिक थी तो राणा प्रताप के पास जुझारू शक्ति की कोई कमी नहीं थी.

16. 30 सालों तक प्रयास के बाद भी अकबर, प्रताप को बंदी न बना सका. 29 जनवरी 1597 को शिकार दुर्घटना में injury की वजह से प्रताप की मृत्यु हो गई.  प्रताप की मौत की खबर सुनकर अकबर भी रो पड़ा था.

Related Post:
Loading...
loading...

नई पोस्ट ईमेल में प्राप्त करने के लिए Subscribe करें.

सब्क्रिप्सन फ्री है

Email-ID* को Verify करना न भूलें. बहुत से भूल जाते है लेकिन आप थोड़े समझदार लग रहे है इसलिए.

19 Comments

  1. anand kumar
  2. Sk.
  3. yash fauzdar
  4. Dhanakar thakur founder national medicos organisation and Antar rashtriy maithili parishad
  5. Balvant singh
  6. Rakesh patel
  7. sangram singh
  8. sangram singh
  9. N.S.Bhati
  10. Yogesh
  11. nitesh gautam

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *