Bawaseer / बवासीर : Piles treatment in hindi – बवासीर का इलाज

Bawaseer / बवासीर : Piles treatment at home in hindi – बवासीर का इलाज

Bawaseer बवासीर

Bawaseer / Bawasir (बवासीर) : पेट की बीमारियों का सीधा संबंध हमारे खान पान से जुड़ा होता है बवासीर की वजह से याददाशत भी जा सकती है. Bawaseer के सबसे ज्यादा मरीज विदेशो में पाए जाते है बवासीर को ठीक करने के लिए दवाओं से लेकर ऑपरेशन तक की सुविधाएँ उपलब्ध है लेकिन बहुत ही कम लोग जानते है कि घरेलू नुस्खों को अपनाकर भी इससे छुटकारा पाया जा सकता हैं।

बवासीर के कारण
Piles causes in hindi

बवासीर का प्रमुख कारण पेट की खराबी व पाचन तंत्र में गड़बड़ी होना है और भी कुछ कारण हैं

  • लम्बे समय तक कब्ज रहना
  • मलत्याग के समय जोर लगाना
  • टॉयलेट में काफी देर तक बैठना
  • मोटापे की वजह से बवासीर हो सकती हैं
  • गर्भावस्था के दौरान आखिरी के 3 महीनो में बवासीर हो सकती हैं
  • ज्यादा तली हुई चीजे खाने से व तनाव की वजह से भी बवासीर हो सकती हैं।

बवासीर के लक्षण
Piles (Hemorrhoids) symptoms in hindi

बवासीर बेहद दुखदायी रोग हैं इसमें रोगी अंदर ही अंदर बहुत परेशान रहता है बवासीर 2 प्रकार की होती हैं

#1. अंदरूनी बवासीर

अंदरूनी बवासीर को आम भाषा में खूनी बवासीर भी कहते है इसमें अंदर की तरफ मस्से हो जाते है और मल करते समय खून निकलने लगता है और अगर मस्सा छिल जाए तो रोगी दर्द से तड़प उठता हैं। रोगी जब टॉयलेट में बैठकर जोर लगाता है, तो मस्से बाहर आ जाते हैं व जब जोर हटाता है तो मस्से अन्दर चले जाते हैं। कभी कभी जब बवासीर पुरानी हो जाती है तो मस्सों को अन्दर करने के लिये उंगली का सहारा देना पड़ता हैं।

#2. बाहरी बवासीर

बाहरी बवासीर को आम भाषा में बादी बवासीर भी कहते है. इसमें मलाशय के पास खून का थक्का व सूजन देखी जा सकती है बादी वाली बवासीर में मस्से काले रंग के होते है,और मस्सों में खुजली बहुत ज्यादा होती हैं।

बवासीर का घरेलू इलाज
Piles treatment in hindi; Home remedies of piles

1. हर रोज सेबह खाली पेट 2 आलू बुखारे खाने से Bawaseer में आराम मिलता हैं।

2. एक पके केले को बीच से चीरकर उसके दो टुकडे कर लें फिर उन टुकड़ों के बीच गेहूं के दाने के बराबर कपूर डालकर इसके बाद उस केले को खुले आसमान के नीचे शाम को रख दें, सुबह उस केले को शौच करने के बाद खालें। एक हफ़्ते तक लगातार इसको करने के बाद भयंकर से भयंकर बवासीर भी समाप्त हो जाती हैं।

3. बवासीर की समस्या होने पर मिट्टी के तेल का इस्तेमाल करें। फ्रेश होने के बाद ½ मग पानी में लगभग 1 चम्मच के बराबर मिट्टी का तेल मिलाएं और उससे बवासीर वाली जगह धोएं।

4. लौकी की सब्जी बनाते वक्त इसके छिलकों को फेंके नहीं बल्कि इन्हें सूखाकर अच्छे से पीस लें। बवासीर में खून की समस्या होने पर रोजाना दिन में दो बार इसके पाउडर का इस्तेमाल करें। खाने के बाद ठंडा पानी पिएं।

5. करीब दो लीटर मट्ठा(लस्सी) लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा सा सेंधा नमक जरुर मिला दें। पूरे दिन पानी की जगह यह मट्ठा ही पियें। चार-पाँच दिन तक यह प्रयोग करें, मस्से काफी ठीक हो जायेंगे।

6. पपीते के पेड़ से निकलने वाले दूध को मस्सों पर 15 दिन तक लगाने से ही फर्क दिखना शुरू हो जाएगा।

7. सलाद और जूस के रूप में इस्तेमाल होने वाला चुंकदर खून की कमी को दूर करता है। साथ ही साथ बवासीर की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है। रोजाना इसके इस्तेमाल से Bawaseer के मस्से धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं।

8. एक ग्राम काले तिल को एक ग्राम दूध के ताजे मक्खन के साथ मिलाकर सुबह शाम खाने से बवासीर में 7 दिन में ही बहुत ज्यादा फ़ायदा होता हैं।

9. मूली का रस पीना इस बीमारी में बहुत ही फायदेमंद होता है। मूली के टुकड़ों में नमक लगाकर या उसे घी में तलकर खाने से बवासीर की समस्या दूर होती है। चाहे तो मूली को सब्जी के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। पत्तों को सूखाकर इसे पीसकर इसका भी ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

10. नीम का तेल मस्सों पर लगाने से और 4- 5 बूँद रोज़ पीने से Bawaseer में बहुत लाभ होता हैं।

11. बवासीर में 15 ग्राम प्याज़ के रस को 15 ग्राम चीनी के साथ मिलाकर सात दिन तक सुबह शाम इसका सेवन करें , इससे बवासीर में बहुत राहत मिलती हैं।

12. आम की गुठली को सुखाएं और उसका पाउडर बनाएं। अब एक पात्र में बराबर मात्रा में ये पाउडर और शहद लें। ये बवासीर ठीक करने के सबसे कारगर उपायों में से एक हैं।

13. बवासीर से बचने के लिए जितना हो सके पानी पिएँ।

14. बवासीर होने पर सरसों के तेल को सुबह-शाम मस्से पर लगाये और नहाने के बाद ऊँगली से सरसो के तेल को गुदा के अंदर लगाएं 4 – 5 दिन में ही मस्से सूखने लगेंगे, 10 दिन में ही बवासीर में काफी आराम मिलेगा।

15. हमेशा ध्यान रखें, कि मल-विसर्जन के समय बायें पैर पर शरीर का दबाव रखें। इस प्रयोग से बवासीर का घातक रोग नहीं होता हैं।

 

Note: दोस्तो अगर आपके अंदर इनमें से कोई लक्षण है तो इसे हल्के में न लें। आज से ही ये घरेलू नुस्खे अपनाना शुरू किजिए या अच्छे डाॅक्टर से सलाह ले. और कोई हेल्प चाहिए तो मुझे नीचे कमेंट में बताएँ।

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