राजा राममोहन राय के बारे में 11 रोचक तथ्य । Raja Ram Mohan Roy In Hindi

Amazing Facts about Raja Ram Mohan Roy in Hindi – राजा राममोहन राय के बारे में 11 रोचक तथ्य

Raja Ram Mohan Roy

राजा राममोहन राय को कब-कब याद किया जाता है जब सती प्रथा का जिक्र हो तब, एक जब आधुनिक भारत के निर्माता को ढूंढना हो तब। याद तो हम राजा राममोहन राय की पूरी जीवनी को करेंगे लेकिन जीवन परिचय वाले अंदाज में नही बल्कि रोचक तथ्यों के अंदाज में।

1. राजा राममोहन राय का जन्म 22 मई, 1772 को बंगाल के राधानगर गांव में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

2. राजा राममोहन राय ने मात्र 15 वर्ष की उम्र में पुस्तक लिखकर मूर्ति पूजा का विरोध कर दिया था। जिसके कारण उन्हें परिवार से निकाल दिया गया।

3. राजा राममोहन राय ने 1803 से लेकर 1815 तक ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए मुंशी की नौकरी की।

4. राजा राममोहन राय ने आजीवन बाल विवाह का विरोध किया लेकिन खुद इनका विवाह छोटी उम्र में हो गया था। इन्होनें विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया जबकि खुद इनकी तीन शादियाँ हुई थी।

5. राजा राममोहन राय पर किसी तरह की दुनियावी घटनाओं का असर नही होता था. एक बार उनके 2 दोस्तों ने योजना बनाई और उन्हें एक पत्र भेजा, जिसमें उनके बेटे की मौत की खबर लिख दी। पत्र पढ़ने के बाद वो थोड़ी देर के लिए तो परेशान दिखे लेकिन फिर से अपना काम करने लगे।

6. राजा राममोहन राय ने ही अंग्रेजों को सलाम करने की परंपरा को खत्म करवाया था। उस समय यह नियम था कि कोई भी अंग्रेज अफसर दिखाई देने पर हर भारतीय को अपनी सवारी से उतरकर उसे सलाम करना होता था।

7. आपको जानकर हैरानी होगी कि राजा राममोहन राय की सगी भाभी को उनके भाई की मौत के बाद सती प्रथा का हवाला देकर जिंदा जला दिया गया था। इस घटना के बाद उनका सती प्रथा को मिटाने का फैसला और कठोर हो गया और फिर 1829 में इसमें सफल भी हो गए।

8. अंग्रेजी भाषा में ‘Hinduism’ शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले 1816 में राजा राममोहन राय ने ही किया था।

9. राजा राममोहन राय को “राजा” कि उपाधि मुगल शासक अकबर द्वितीय ने तब दी थी जब वो उनके लिए आर्थिक मदद लेने इंग्लैंड जा रहे थे ताकि मोहन को किसी से मिलने में परेशानी ना हो।

10. राजा राममोहन राय को हिंदू होने के बावजूद भी दफनाया गया था। क्योकिं जिस समय उनका निधन हुआ वो उस समय मुगल शासक अकबर द्वितीय के लिए आर्थिक मदद की फ़रियाद लगाने इंग्लैंड गए हुए थे जहाँ दिमागी बुखार की वजह से 27 सितंबर 1833 को उनका देहांत हो गया, लेकिन उस समय इंग्लैंड में किसी के भी दाह-संस्कार की अनुमति नही थी। इसलिए उन्हें ब्रिस्टल की एक कब्र में दफना दिया गया। आज इस शहर में मोहन राय की समाधि भी है।

11. 2004 में BBC ने बंगाल में एक सर्वे कराया था जिसमें बंगाल के आज तक के सभी महान आदमियों की सूची में राजा राममोहन राय को 10वाँ स्थान मिला था।

उम्मीद है आपको हमारी पोस्ट राजा राममोहन राय / About Raja Ram Mohan Roy Facts In Hindi पसंद आई होगी। यदि आपके पास राजा राम मोहन राय की कोई और जानकारी है तो नीचे कमेंट में बताएँ।

10 Comments

  1. Puran Mal Meena September 19, 2018
  2. Anshu September 20, 2018
  3. Pradeep Maurya September 30, 2018
  4. Muskan Rangrez September 30, 2018
  5. Puran Mal Meena October 1, 2018
  6. iBlogger Team October 1, 2018
  7. Ayush singh October 2, 2018
  8. Anu Anoop October 11, 2018
  9. Ritesh October 14, 2018

Leave a Reply to Pradeep Maurya Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *