‘राजीव गांधी’ के बारे में 15 रोचक तथ्य, Rajiv Gandhi In Hindi

Amazing Facts about Rajiv Gandhi in Hindi – राजीव गांधी से जुड़े 15 रोचक तथ्य

राजीव गांधीआज हम बात करेगे एक ऐसे शख़्स की जो सबसे कम उम्र का प्रधानमंत्री बना लेकिन उतनी ही जल्दी मर भी गया. जिसने आज की जरूरतों को बहुत पहले समझ लिया था. जी, हम बात कर रहे है राजीव गांधी की. Let’s begin…

1. राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ. इनका नाम राजीव इसलिए रखा गया क्योकिं नेहरू की पत्नी का नाम था कमला. और राजीव का मतलब होता है कमल. कमला की यादें ताजी बनी रहे इसलिए नेहरू ने इनका नाम राजीव रखा।

2. बचपन में राजीव गांधी ने खेल-खेल में महात्मा गांधी के पैरों में फूल चढ़ा दिए तो महात्मा गांधी ने कहा बेटा ऐसा किसी की मृत्यु होने पर करते है. संयोग देखिए, अगले ही दिन गोली मारकर महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई।

3. राजीव गांधी हायर एजुकेशन के लिए लंदन गए. यहाँ उन्होनें एक के बाद एक दो काॅलेज में एडमिशन लिया. लेकिन दोनों जगह किसी न किसी कारण से पढ़ाई पूरी न कर सके।

4. लंदन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए राजीव की मुलाकात एक लड़की से हुई जो इटली की रहने वाली थी और नाम था एडविग एन्टोनिया एल्बीना माइनो. यही वो लड़की है जो शादी के बाद सोनिया गांधी बनकर भारत आई. भारत आने के बाद सोनिया गांधी दिल्ली में अमिताभ बच्चन के घर रही थी।

5. सोनिया गांधी कैम्ब्रिज़ यूनिवर्सिटी में पढ़ती जरूर थी लेकिन पैसों के लिए एक रेस्टोरेंट में वेटर का काम भी करती थी।

6. राजीव गांधी पेशे से पायलट थे उन्होनें एयर इंडिया में नौकरी भी की. लेकिन बाद में दबाव बनाने के बाद राजनीति में आए. ये दबाव माँ इंदिरा ने 1980 में संजय गांधी की मौत के बाद बनाया था।

7. माँ इंदिरा की मौत के बाद राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा की सबसे बड़ी जीत हासिल की थी. 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने 533 में से 404 सीट हासिल की। इसी जीत के साथ राजीव गांधी भारत के 7th प्रधानमंत्री बन गए।

8. राजीव गाँधी को टेक्नोलाॅजी से बहुत प्यार था. इनके कार्यकाल के दौरान ही MTNL का गठन हुआ था।

9. 21 मई 1991, रात 10 बजकर 15 मिनट पर तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में लिट्टे के मानव बम ने राजीव गाँधी को मार दिया।

10. राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन दोनों खास़ दोस्त थे. राजीव की मृत्यु के दिन अमिताभ बच्चन और राहुल गाँधी अमेरिका में थे. दोनों एक ही प्लेन से भारत आए थे।

11. राजीव गाँधी की मौत की फुल तैयारी हुई थी जैसे परेड की रिहर्सल होती है ना, वैसे ही लिट्टे की धनु ने भी 12 मई 1991 को रैली को संबोधित करने आए पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल के नेता वी.पी. सिँह के पैर छुए थे. ठीक उसी तरह जैसे 9 दिन बाद राजीव गाँधी के छुए थे. ये सब रिहर्सल के तौर पर किया गया था. फर्क बस इतना था कि कुर्ते के नीचे बम नही था।

12. Q. लिट्टे की राजीव गाँधी से क्या दुश्मनी थी ?
Ans. श्रीलंका में गृहयुद्ध चल रहा था तो राजीव गाँधी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति जे आर जयवर्धने के साथ एक समझौता किया था यानि एक जुबान दी थी. अपने कहे अनुसार, राजीव गांधी ने युद्ध रोकने के लिए भारतीय सेना को श्रीलंका में तैनात कर दिया. लेकिन इस समझौते के बीच में एक अड़चन बनी हुई थी जिसका नाम था लिट्टे. लिट्टे नही चाहता था कि भारत की शांति सेना को श्रीलंका भेजा जाए. शांति सेना भेजे जाने से पहले लिट्टे प्रमुख वी प्रभाकरन दिल्ली में राजीव गांधी से मिलने आया था. राजीव उसके साथ सख्ती से पेश आए. प्रभाकरन ने तमिल हितों की खातिर राजीव की बात मानने से इंकार कर दिया तो राजीव ने प्रभाकरन को 5 स्टार होटल अशोका में बात मानने तक नज़रबंद करा दिया. प्रभाकरन ने भी मन मारकर झूठ-मूठ की हाँ भर दी. जब प्रभाकरन सारी बातें मान गया तो उसे श्रीलंका जाने की इजाजत दी गई. इस घटना के बाद प्रभाकरन राजीव का जानी दुशमन बन गया और अब तो बस राजीव को मारने के मौके का इंतजार करने लगा।

13. जब वी प्रभाकरन राजीव से मिलने दिल्ली आए थे तो चलते समय राजीव गांधी ने उन्हें एक पर्सनल गिफ्ट दिया था, अपनी बुलेट प्रूफ जैकेट।

14. Q. राजीव गांधी ने लिट्टे को सपोर्ट क्यों नही किया ?
Ans. ट्रेनिंग लेने के लिए 5 संगठन भारत आए थे PLOTE, TELO, EPRLF, EROS, LTTE. ये सभी संगठन वो काम करते थे जो भारत कहता था लेकिन कुछ दिनों बाद LTTE ने भारत की बातें मानने से मना कर दिया. लिट्टे अपने सैनिकों के साथ वापिस श्रीलंका चला गया. अब लिट्टे से लड़ने के लिए भारत ने IPKF जवान श्रीलंका भेजे लेकिन कुछ सफलता नही मिली और लिट्टे के कारण भारत ने अपने 1200 IPKF जवान खो दिए. यही दो प्रमुख वजह थी।

15. पाठको, राजीव गाँधी की मौत की पूरी कहानी सुनो..

rajiv gandhi dhanuAns. चुनाव का प्रचार जोर-शोर से हो रहा था. 21 मई 1991 को राजीव गांधी एक रैली को संबोधित करने के लिए चेन्नई से 30 किलोमीटर दूर श्रीपेरंबुदूर में पहुंचे. हाथों में माला लिए हजारों लोग खड़े थे. इन्हीं में एक लिट्टे की सुसाइड हमलों के लिए बनी काली बाघिन विंग की मेंबर धनु भी थी. सलवार सूट पहने नजर के चश्में लगाएँ, ये लड़की अपने देश की नही थी बल्कि श्रीलंका की थी. स्टेज के सामने डी शेप का घेरा बना हुआ था जहाँ सिर्फ VIP को आने की इजाजत थी. हाथ में चंदन की माला लिए धनु आगे बढ़ती है तो तमिलनाडु की सब इंस्पेकटर अनसुइया (जिसकी ड्यूटी रैली ग्राउंड में लगी हुई थी) धनु को हाथ पकड़कर आगे बढ़ने से रोकती है. धनु पलटने ही वाली थी कि राजीव गांधी की आवाज आती है कि सबको आने दो. फिर आगे बढ़कर धनु जैसे ही राजीव गांधी के पैर छूती है तो इसी के साथ बम फट जाता है और राजीव गांधी समेत 17 लोगो की मौत हो जाती है. यही थीं राजीव गाँधी की मौत की असली कहानी…

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One Response

  1. @Rajesh Kr Mandal

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